मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत हर पैकेट से 100–150 रुपये की आय अर्जित कर रहीं महिलाएं
रायपुर ब्लॉक की 300 महिलाओं ने तैयार किए अब तक 1 लाख से अधिक एलईडी लाइट पैकेट
देहरादून, 09 अक्टूबर 2025 (सू.वि)।
राजधानी देहरादून के विकासखंड रायपुर की ग्रामीण महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सशक्त बहना उत्सव योजना” को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही हैं।

मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने आगामी दीपावली को ध्यान में रखते हुए घरों की सजावट में उपयोगी एलईडी लड़ी (लाइट) स्वयं तैयार की है। ये महिलाएं न केवल स्थानीय स्तर पर उत्पादन कर रही हैं, बल्कि चीनी सजावटी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने का संदेश भी दे रही हैं।
रायपुर ब्लॉक की 300 महिलाओं ने एनआरएलएम की मदद से 1 लाख 20 हजार एलईडी लड़ी पैकेट तैयार करने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 1 लाख से अधिक पैकेट पहले ही बाजार में बिक चुके हैं। प्रत्येक पैकेट में 12 फीट लंबाई की 10 एलईडी लड़ियां होती हैं, जिसकी पैकेजिंग भी महिलाएं स्वयं कर रही हैं। प्रति पैकेट 1000 से 1200 रुपये के बाजार मूल्य पर इन्हें बेचकर महिलाएं प्रत्येक पैकेट से 100 से 150 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
थानो न्याय पंचायत के अंतर्गत आने वाले समूहों को इस प्रोजेक्ट हेतु 6% ब्याज पर 12 लाख रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) और शून्य ब्याज पर 5 लाख रुपये का कोऑपरेटिव लोन प्रदान किया गया है। इससे समूह की महिलाओं को उत्पादन में बड़ी मदद मिली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लगातार ग्रामीण महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ने की पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बनते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिला रही हैं।
दिव्य ज्योति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष ममता कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए “वरदान” साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि “हमें 1 लाख 20 हजार एलईडी लाइटें बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसे हमने पूरा कर लिया है और अब बाजार में अच्छे दामों पर बिक्री जारी है।”
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि त्योहार सीजन को देखते हुए रायपुर ब्लॉक के वाइब्रेंट ग्रोथ सेंटर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा एलईडी लाइट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाओं के उत्पादों को प्रोत्साहन देने हेतु विभिन्न बाजारों में इनके विशेष स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
